🌑 Amavasya 2026 Dates | महत्व, पूजा विधि और कैलेंडर ✨

हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार, अमावस्या नए चंद्रमा की रात होती है। यह कृष्ण पक्ष के अंत और शुक्ल पक्ष की शुरुआत का प्रतीक है। हालांकि यह भौतिक अंधकार की रात है, लेकिन आध्यात्मिक रूप से इसे आत्म-चिंतन और अपने पितरों के सम्मान के लिए एक शक्तिशाली समय माना जाता है।


🌟 आध्यात्मिक महत्व

  • पितृ पूजा: अमावस्या मुख्य रूप से हमारे पूर्वजों को समर्पित है। इस दिन तर्पण (जल और काले तिल का दान) करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार को आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • आध्यात्मिक पुनर्जन्म: इसे एक "नई शुरुआत" के रूप में देखा जाता है, जो ध्यान, मंत्र जप और नकारात्मक आदतों को छोड़ने के लिए आदर्श है।
  • दान: अमावस्या पर जरूरतमंदों को भोजन और वस्त्र दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।

Amavasya 2026 Dates | महत्व, पूजा विधि और कैलेंडर

📅 अमावस्या कैलेंडर 2026

वर्ष 2026 की अमावस्या तिथियां नीचे दी गई हैं:

महीना तिथि दिन विशेष महत्व
जनवरी 18 जनवरी, 2026 रविवार थाई अमावसाई
फरवरी 17 फरवरी, 2026 मंगलवार मौनी अमावस्या
मार्च 18 मार्च, 2026 बुधवार फाल्गुन अमावस्या
अप्रैल 17 अप्रैल, 2026 शुक्रवार चैत्र अमावस्या
मई 16 मई, 2026 शनिवार शनि अमावस्या
जून 15 जून, 2026 सोमवार सोमवती अमावस्या
जुलाई 14 जुलाई, 2026 मंगलवार आषाढ़ अमावस्या
अगस्त 12 अगस्त, 2026 बुधवार आदि अमावसाई
सितंबर 11 सितंबर, 2026 शुक्रवार भाद्रपद अमावस्या
अक्टूबर 10 अक्टूबर, 2026 शनिवार सर्वपितृ (महालया) अमावस्या
नवंबर 9 नवंबर, 2026 सोमवार सोमवती अमावस्या / दीपावली
दिसंबर 8 दिसंबर, 2026 मंगलवार मार्गशीर्ष अमावस्या

🕯️ पालन किए जाने वाले महत्वपूर्ण नियम

  • पवित्र नदी में स्नान करें या अपने नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाएं।
  • दोपहर के समय अपने पूर्वजों के लिए तर्पण करें।
  • व्रत रखें या केवल सात्विक भोजन (बिना प्याज और लहसुन) का सेवन करें।
  • नकारात्मकता को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत के लिए शाम को तेल का दीपक (दीपम) जलाएं।
  • मानसिक शांति के लिए "गायत्री मंत्र" या "ओम नमो नारायणाय" का जप करें।



❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)


सोमवती अमावस्या क्या है?

जब अमावस्या सोमवार को पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह विवाहित महिलाओं के लिए अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना करने और पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है।

क्या हम अमावस्या पर नया काम शुरू कर सकते हैं?

अमावस्या को मुख्य रूप से आध्यात्मिक कार्यों और पितृ पूजन के लिए आरक्षित रखा जाता है। इसलिए, पारंपरिक रूप से कोई भी बड़ा नया व्यापार या लंबी यात्रा शुरू करने से बचा जाता है।

महालया अमावस्या इतनी खास क्यों है?

महालया अमावस्या पितृ पूजा का सबसे बड़ा दिन है। यह 15 दिवसीय पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है, और माना जाता है कि इस दिन सभी पूर्वज अपने वंशजों द्वारा दी गई भेंट स्वीकार करने आते हैं।

⚠️ नोट: तिथि के समय (प्रारंभ और अंत) गणना के आधार पर बदल सकते हैं। सटीक समय के लिए हमेशा स्थानीय पंचांग देखें।

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